Tag : suresh wadkar

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राग मियाँ मल्हार : SWARGOSHTHI – 327 : RAG MIYAN MALHAR

कृष्णमोहन
स्वरगोष्ठी – 327 में आज पावस ऋतु के राग – 2 : तानसेन की अमर कृति – मियाँ मल्हार “बिजुरी चमके बरसे मेहरवा…” उस्ताद राशिद ...
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मियाँ मल्हार : SWARGOSHTHI – 281 : MIYAN MALHAR

कृष्णमोहन
स्वरगोष्ठी – 281 में आज पावस ऋतु के राग – 2 : तानसेन की अमर कृति – मियाँ मल्हार “बिजुरी चमके बरसे मेहरवा…” ‘रेडियो प्लेबैक...
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“तू मुझे सुना मैं तुझे सुनाऊँ अपनी प्रेम कहानी…”, दो दोस्तों के इस गीत के बहाने ज़िक्र आनन्द बक्शी और यश चोपड़ा के दोस्ती की

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एक गीत सौ कहानियाँ – 82  ‘तू मुझे सुना मैं तुझे सुनाऊँ अपनी प्रेम कहानी…‘  रेडियो प्लेबैक इण्डिया’ के सभी श्रोता-पाठकों को सुजॉय चटर्जी का...
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पोर-पोर गुलमोहर खिल गए..जब गुलज़ार, विशाल और सुरेश वाडकर की तिकड़ी के साथ "मेघा बरसे, साजन बरसे"

Amit
Taaza Sur Taal (TST) – 08/2011 – BARSE BARSE कुछ चीजें जितनी पुरानी हो जाएँ, उतनी ज्यादा असर करती हैं, जैसे कि पुरानी शराब। ज्यों-ज्यों...
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मुकाबला हमसे करोगे तो तुम हार जाओगे…देखिये चुनौती का एक रंग ये भी

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 605/2010/305 ऒस्ट्रेलिया, इंगलैण्ड, वेस्ट इंडीज़, पाकिस्तान, भारत, न्युज़ीलैण्ड, श्रीलंका और ईस्ट-अफ़्रीका; इन आठ देशों को लेकर १९७५ में पहला विश्वकप...
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धडकन जरा रुक गयी है….सुरेश वाडकर के गाये एल पी के इस गीत को सुनकर एक पल को धडकन थम ही जाती है

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 600/2010/300 नमस्कार! पिछली नौ कड़ियों से आप इस महफ़िल में सुनते आ रहे हैं फ़िल्म जगत के सुनहरे दौर के...
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तेरे लिए किशमिश चुनें, पिस्ते चुनें: ऐसे मासूम बोल पर सात क्या सत्तर खून माफ़! गुलज़ार और विशाल का कमाल!

Amit
Taaza Sur Taal (TST) – 04/2011 – SAAT KHOON MAAF एक गीतकार जो सीधे-सीधे यीशु से सवाल पूछता है कि तुम अपने चाहने वालों को...
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बरसों के बाद देखा महबूब दिलरुबा सा….जब इकबाल सिद्धिकी ने सुर छेड़े पंचम के निर्देशन में

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 455/2010/155 “सेहरा में रात फूलों की”, आज इस शृंखला में जो ग़ज़ल गूंज रही है, वह है पंचम, यानी राहुल...
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वो एक दोस्त मुझको खुदा सा लगता है…..सुनेंगे इस गज़ल को तो और भी याद आयेंगें किशोर दा

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 454/2010/154 मोहम्मद रफ़ी, आशा भोसले, और लता मंगेशकर के बाद आज बारी है किशोर दा, यानी किशोर कुमार की। और...
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वृष्टि पड़े टापुर टुपुर…टैगोर की कविता से प्रेरित होकर दादू रविन्द्र जैन ने रचा ये सदाबहार गीत

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 436/2010/136 नमस्कार दोस्तों! सावन की रिमझिम फुहारों का आनंद इन दिनों आप ले रहे होंगे अपनी अपनी जगहों पर। और...