Tag : sujoy chaterji

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महफ़िल ए कहकशां – 17, मेरा दिल तड़पे दिलदार बिना.. राहत साहब की दर्दीली आवाज़ में इस ग़मनशीं नज़्म का असर हज़ार गुणा हो जाता है

Pooja Anil
महफ़िल ए कहकशाँ 17  राहत फ़तेह अली खान दोस्तों सुजोय और विश्व दीपक द्वारा संचालित “कहकशां” और “महफिले ग़ज़ल” का ऑडियो स्वरुप लेकर हम हाज़िर...
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वर्षान्त विशेष: 2016 का फ़िल्म-संगीत (भाग-2)

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वर्षान्त विशेष लघु श्रृंखला 2016 का फ़िल्म-संगीत   भाग-2 रेडियो प्लेबैक इण्डिया’ के सभी पाठकों को सुजॉय चटर्जी का प्यार भरा नमस्कार! दोस्तों, देखते ही देखते...
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परीशाँ हो के मेरी ख़ाक आख़िर दिल न बन जाए.. पेश-ए-नज़र है अल्लामा इक़बाल का दर्द मेहदी हसन की जुबानी

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कहकशाँ – 25 अल्लामा इक़बाल का दर्द मेहदी हसन की जुबानी   “परीशाँ हो के मेरी ख़ाक आख़िर दिल न बन जाए…” ’रेडियो प्लेबैक इण्डिया’ के...
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“सातों बार बोले बंसी” और “जाने दो मुझे जाने दो” जैसे नगीनों से सजी है आज की “गुलज़ार-आशा-पंचम”-मयी महफ़िल

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कहकशाँ – 24 गुलज़ार, पंचम और आशा ’दिल पड़ोसी है’ में   “दिल पड़ोसी है, मगर मेरा तरफ़दार नहीं…” ’रेडियो प्लेबैक इण्डिया’ के सभी दोस्तों को...
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“इक कुड़ी जिदा नाम मोहब्बत…”, बटालवी के इस कविता की क्यों ज़रूरत आन पड़ी ’उड़ता पंजाब’ में?

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एक गीत सौ कहानियाँ – 99  ‘इक कुड़ी जिदा नाम मोहब्बत…‘  रेडियो प्लेबैक इण्डिया’ के सभी श्रोता-पाठकों को सुजॉय चटर्जी का प्यार भरा नमस्कार। दोस्तों, हम रोज़ाना रेडियो...
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“या तो अभी शुरु में संघर्ष कर लो और बाद में आराम से रहो, या फिर अभी आराम कर लो और बूढ़े होने के बाद संघर्ष करो”

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तुझसे नाराज़ नहीं ज़िन्दगी – 18  सोनू निगम ’रेडियो प्लेबैक इण्डिया’ के सभी दोस्तों को सुजॉय चटर्जी का सप्रेम नमस्कार। दोस्तों, किसी ने सच ही...
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अपने पडो़सी दिल से भीनी-भीनी भोर की माँग कर बैठे गोटेदार गुलज़ार साहब, आशा जी एवं राग तोड़ी वाले पंचम दा

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कहकशाँ – 23 गुलज़ार, पंचम और आशा ’दिल पड़ोसी है’ में   “भीनी भीनी भोर आई…” ’रेडियो प्लेबैक इण्डिया’ के सभी दोस्तों को हमारा सलाम! दोस्तों,...
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“मैं कहीं कवि ना बन जाऊँ…”, इस गीत का मुखड़ा हसरत जयपुरी ने नहीं बल्कि जयकिशन ने लिखा था।

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एक गीत सौ कहानियाँ – 98  ‘मैं कहीं कवि ना बन जाऊँ…‘  रेडियो प्लेबैक इण्डिया’ के सभी श्रोता-पाठकों को सुजॉय चटर्जी का प्यार भरा नमस्कार।...
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“पिया मिलन को जाना…”, जानिये कि कैसे नृत्य के बोल रूपान्तरित हो गए एक गीत में

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एक गीत सौ कहानियाँ – 96  ‘पिया मिलन को जाना…‘  रेडियो प्लेबैक इण्डिया’ के सभी श्रोता-पाठकों को सुजॉय चटर्जी का प्यार भरा नमस्कार। दोस्तों, हम...
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मेरा दिल तड़पे दिलदार बिना.. राहत साहब की दर्दीली आवाज़ में इस ग़मनशीं नज़्म का असर हज़ार गुणा हो जाता है

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कहकशाँ – 21 राहत फ़तेह अली ख़ान की आवाज़ में पंजाबी नगमा   “मेरा दिल तड़पे दिलदार बिना…” ’रेडियो प्लेबैक इण्डिया’ के सभी दोस्तों को हमारा...