Tag : Sharad kokas

Philosophy

अच्छा ! क्या पेड़ पौधे भी टॉयलेट जाते हैं ?

Sajeev Sarathie
ज़ाहिर है जो काम मनुष्य, पशु पक्षी आदि सजीव प्राणि करते हैं वे पेड़ पौधे भी करेंगे ही । लेकिन कैसे ? यही तो जानना...
Philosophy

ज़िंदगी भी एक केमिकल लोचा है

Sajeev Sarathie
जीवन के बारे में काव्य कल्पनाओं से अलग आपके दैनिक जीवन की कुछ वैज्ञानिक सच्चाइयों को लेकर आ रहे हैं हम लोग शरद कोकास वसुधा...
Philosophy

पहले मुर्गी आई या अंडा ???

Sajeev Sarathie
मुर्गी पहले आई या अंडा? यह सवाल आपसे किसीने ज़रूर पूछा होगा और आप कन्फ्यूज़ भी हुए होंगे और अंत मे सोच लिया होगा कि...
Inside the writers' den

मिलिए कवि और दार्शनिक शरद कोकास से

Sajeev Sarathie
शरद कोकास एक साहित्यकार, समालोचक, कवि और दार्शनिक हैं। जितना उम्दा उनका लेखन है उतना ही सजीव प्रस्तुतीकरण भी है, शरद कोकास अपनी लंबी कविताओं...
काव्य तरंग

मन्नू भंडारी ।। स्मृति गोष्ठी

Sajeev Sarathie
नयी हिंदी आंदोलन की सशक्ततम आवाज औरआधुनिक हिंदी साहित्य की अप्रतिम चेतना, स्वर्गीय आदरणीया मन्नू भंडारी जी (१९३१-२०२१) के सम्मान में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में...