Tag : Rasme ulfat ko nibhayen to nibhayen kaise

एक गीत सौ अफ़साने

रस्मे उल्फत को निभाएं तो निभाएं कैसे

Sajeev Sarathie
वर्ष 1973 की फ़िल्म ’दिल की राहें’ की ग़ज़ल “रस्म-ए-उल्फ़त को निभायें तो निभायें कैसे”। लता मंगेशकर की आवाज़, नक्श ल्यालपुरी के बोल, और मदन...