Tag : old classics

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जीने के बहाने लाखों हैं, जीना तुझको आया ही नहीं….कभी सोचिये इस तरह भी

Sajeev
‘ख़ून भरी माँग’ १९८८ की राकेश रोशन की ब्लॉकबस्टर फ़िल्म थी जो एक ऑस्ट्रेलियन मिनि सीरीज़ ‘रिटर्ण टू ईडन’ (१९८३) से प्रेरीत थी। यह कहानी...
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आओ झूमें गायें, मिलके धूम मचायें….क्योंकि दोस्तों जश्न है ये ज़िदगी

Sajeev
किसी स्कूली छात्र को अगर “गाँव” शीर्षक पर निबन्ध लिखने को कहा जाये तो वह जिन जिन बातों का ज़िक्र करेगा, जिस तरह से गाँव...
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इस दुनिया में जीना हो तो…क्या करें सुने इस गीत में

Sajeev
फ़िल्म की कहानी कुछ इस तरह की थी कि एक नाइट क्लब में साथ-साथ नृत्य कर सात युवाओं की एक टीम (जिसमे पाँच पुरुष और...
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ये चमन हमारा अपना है….राज कपूर की जयंती पर सुनें शैलेन्द्र -दत्ताराम रचित ये गीत

Sajeev
इस कथानक पर फिल्म बनवाने के पीछे नेहरू जी के दो उद्देश्य थे। मात्र एक दशक पहले स्वतंत्र देश के सरकार की न्याय व्यवस्था पर...
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ते की मैं झूठ बोलेया…पूछा राज कपूर ने समाज से, सलिल चौधरी की धुन में

Sajeev
पूरी फिल्म में नायक कुछ नहीं बोलता। केवल अन्त में वह कहता है- ‘मैं थका-हारा-प्यासा पानी पीने यहाँ चला आया, और सब लोग मुझे चोर...
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हम प्यार करेंगे….कहा राज कपूर के लिए साथ आये हेमंत कुमार और मदन मोहन साहब ने

Sajeev
यह एकमात्र गीत है, जिसमें हेमन्त कुमार ने राज कपूर के लिए स्वर दिया और ‘धुन’ राज कपूर द्वारा अभिनीत एकमात्र वह फिल्म है जिसका...
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बहारों ने जिसे छेड़ा है….वही तराना ज्ञानदत्त का रचा साजे दिल बना राज कपूर का

Sajeev
१९४९ में प्रदर्शित फिल्म ‘सुनहरे दिन’ का निर्माण जगत पिक्चर्स ने किया था, जिसके निर्देशक सतीश निगम थे। फिल्म में राज कपूर की भूमिका एक...
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जिन्दा हूँ इस तरह…राज कपूर के पहले संगीत निर्देशक राम गांगुली ने रचा था ये दर्द भरा नग्मा

Sajeev
राज कपूर के फिल्म-निर्माण की लालसा का आरम्भ फिल्म ‘आग’ से हुआ था, जिसके संगीतकार राम गांगुली थे। दरअसल यह पहली फिल्म राज कपूर के...
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एक राधा एक मीरा, दोनों ने श्याम को चाहा…दादु की दिव्य चेतना में कायम रहे उनकी संगीत साधना

Sajeev
टी.पी. साहब ने ज़िक्र किया कि दादु, राज साहब को गाना सुनाओ। यह गीत मैंने ‘जीवन’ फ़िल्म के लिए लिखा था, ‘राजश्री’ वालों के लिए।...
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एक दिन तुम बहुत बड़े बनोगे…और दिल से बहुत बड़े बने दादु हमारे

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 797/2011/237 ‘मेरे सुर में सुर मिला ले’ शृंखला की सातवीं कड़ी में आप सभी का स्वागत है। रवीन्द्र जैन के...