Tag : mukesh special

Dil se Singer

ओ जानेवाले हो सके तो लौट के आना…हर दिल से आती है यही सदा मुकेश के लिए

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 190 ‘१० गीत जो थे मुकेश को प्रिय’, इस लघु शृंखला में पिछले ९ दिनों से आप सुनते आ रहे...
Dil se Singer

कोई जब तुम्हारा ह्रदय तोड़ दे….इन्दीवर साहब के शब्दों और मुकेश के स्वरों ने इस गीत अमर बना डाला

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 189 मुकेश के साथ राज कपूर और शंकर जयकिशन के नाम इस तरह से जुड़े हुए हैं कि ऐसा लगता...
Dil se Singer

तू कहे अगर जीवन भर मैं गीत सुनाता जाऊं…उम्र भर तो गाया मुकेश ने पर अफ़सोस ये उम्र बेहद कम रही

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 188 आज एक बार फिर से हम वापस रुख़ करते हैं ४० के दशक की आख़िर की तरफ़। १९४९ का...
Dil se Singer

सुहाना सफ़र और ये मौसम हसीं….कौन न खो जाए मुकेश की इस मस्ती भरी आवाज़ में

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 187 दिलीप कुमार के लिए पार्श्वगायन की अगर बात करें तो सब से पहले उनके लिए गाया था अरुण कुमार...
Dil se Singer

दोस्त दोस्त न रहा प्यार प्यार न रहा…पर मुकेश का आवाज़ न बदली न बदले उनके चाहने वाले

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 186 मुकेश के पसंदीदा गीतों में घूम फिर कर राज कपूर की फ़िल्मों के गानें शामिल होना कोई अचरज की...
Dil se Singer

जिन्दा हूँ इस तरह कि गम-ए-जिंदगी नहीं….उफ़ कैसा दर्द है मुकेश के इन स्वरों में…

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 185 मुकेश का फ़िल्म जगत में दाख़िला तो सन् १९४१ में ही हो गया था, लेकिन सही मायने में उनके...
Dil se Singer

जीना यहाँ मरना यहाँ, इसके सिवा जाना कहाँ….वो आवाज़ जिसने दी हर दिल को धड़कने की वजह- मुकेश

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 184 “कल खेल में हम हों न हों गर्दिश में तारे रहेंगे सदा, भूलोगे तुम भूलेंगे वो, पर हम तुम्हारे...
Dil se Singer

मुझको इस रात की तन्हाई में आवाज़ न दो….दर्द और मुकेश की आवाज़ का था एक गहरा नाता

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 183 ‘१० गीत जो थे मुकेश को प्रिय’ लघु शृंखला के अंतर्गत आप सुन रहे हैं मुकेश की गाए हुए...
Dil se Singer

झूमती चली हवा याद आ गया कोई…संगीतकार एस एन त्रिपाठी के लिए भी गाये मुकेश ने कुछ बेहरतीन गीत

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 182 ‘१० गीत जो थे मुकेश को प्रिय’, इस शृंखला की दूसरी कड़ी में मुकेश और शैलेन्द्र की जोड़ी तो...
Dil se Singer

सजन रे झूठ मत बोलो खुदा के पास जाना है…शायद ये गीत काफी करीब था मुकेश की खुद की सोच से

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 181 “हम छोड़ चले हैं महफ़िल को, याद आए कभी तो मत रोना, इस दिल को तसल्ली दे लेना, घबराए...