Tag : mehfil-e-ghazal

Dil se Singer

यह ऎसी प्यास है जिसको मिले मुद्दत से मयखाना…..महफ़िल-ए-गज़ल और जगजीत सिंह

Amit
महफ़िल-ए-ग़ज़ल #०६ महफ़िल-ए-गज़ल में आज हम जिस फ़नकार को ले आए हैं, उन्हें अगर गज़ल-गायकी का बेताज बादशाह कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति न होगी।...
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सावन की रिमझिम में उमड़-घुमड़ बरसे पिया……महफ़िल-ए-गज़ल और मन्ना डे

Amit
महफ़िल-ए-ग़ज़ल #०५ अगर आपसे कहूँ कि हमारे आज के फ़नकार “श्री प्रबोध चंद्र जी” हैं तो लगभग १ या २ फीसदी लोग हीं होंगे जो...
Dil se Singer

महफ़िल-ए-गज़ल एक नए अंदाज़ में ….संग है गुलाम अली की आवाज़

Amit
महफ़िल-ए-ग़ज़ल #०४ सन् ८३ में पैशन्स(passions) नाम की गज़लों की एक एलबम आई थी। उस एलबम में एक से बढकर एक नौ गज़लें थी। मज़े...
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जां अपनी, जांनशीं अपनी तो फिर फ़िक्र-ए-जहां क्यों हो…बेगम अख्तर और आशा ताई एक साथ.

Amit
महफ़िल-ए-ग़ज़ल #०३ ग़मे-हस्ती, ग़मे-बस्ती, ग़मे-रोजगार हूँ,ग़म की जमीं पर गुमशुदा एक शह्रयार हूँ। बात इतनी-सी है कि दिन जलाने के लिए सूरज को जलना हीं...
Dil se Singer

आबिदा और नुसरत एक साथ…महफिल-ए-ग़ज़ल में

Amit
महफ़िल-ए-ग़ज़ल #०२ उनकी नज़र का दोष ना मेरे हुनर का दोष,पाने को मुझको हो चला है इश्क सरफ़रोश। इश्क वो बला है जो कब किस...
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अखियाँ नु चैन न आवें….नुसरत बाबा का रूहानी अंदाज़ महफ़िल-ए-ग़ज़ल में

Sajeev
महफ़िल-ए-ग़ज़ल # ०१ अब तो आ जा कि आँखें उदास बैठी हैं,भूलकर होश-औ-गुमां बदहवास बैठी हैं। इश्क की कशिश हीं ऎसी है कि साजन सामने...