Tag : mayuresh pai

Dil se Singer

नव दधीचि हड्डियां गलाएँ, आओ फिर से दिया जलाएँ… अटल जी के शब्दों को मिला लता जी की आवाज़ का पुर-असर जादू

Amit
महफ़िल-ए-ग़ज़ल #१०७ राजनीति और साहित्य साथ-साथ नहीं चलते। इसका कारण यह नहीं कि राजनीतिज्ञ अच्छा साहित्यकार नहीं हो सकता या फिर एक साहित्यकार अच्छी राजनीति...