Tag : Kuhoo Gupta

एक मुलाक़ात ज़रूरी है

Laxmikant Pyarelal : Music Forever | Ajay Poundarik | Sajeev Sarathie | Kuhoo Gupta | Rafique Shaikh | Susheel P | Hricha Debraj

Sajeev
एकमुलाकात जरूरी है के 30 वें एपिसोड में आज मिलियेलक्ष्मीकांत प्यारेलाल म्यूजिक फॉरेवर के लेखक अजय पौंडरिक से, जिनके माध्यम से आज हम समझने की...
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रेडियो प्लेबैक आर्टिस्ट ऑफ द मंथ – कुहू गुप्ता

Sajeev
कुहू गुप्ता  कवर गीतों से लेकर ढेरों ओरिजिनल गीतों को अपनी आवाज़ से सजाया है कुहू ने, इन्टरनेट पर सक्रिय अनेकों संगीतकारों की धुनों में...
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ग्यारह हो हमारा, देश का यही है आज नारा -ठोंक दे किल्ली टीम इंडिया….करोड़ों भारतीयों की आवाज़ को सुरों में पिरोया देश विदेश में बसे संगीत योद्धाओं ने

Sajeev
Awaaz mahotsav World Cup Cricket 2011 Special Song आज मीरपुर में भारतीय क्रिकेट टीम विश्व कप पर २८ सालों बाद बेहद मजबूती के साथ अपनी...
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Go Green- दुनिया और पर्यावरण बचाने की अपील- आवाज़ का एक अंतरराष्ट्रीय गीत

Amit
हिन्द-युग्म ने इंटरनेट की दुनिया में शुक्रवार की एक नई परम्परा विकसित की है, जिसके अंतर्गत शुक्रवार के दिन इंटरनेटीय जुगलबंदी से रचे गये संगीतबद्ध...
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गाँव से लायी एक सुरीला सपना रश्मि प्रभा और जिसे मिलकर संवार रहे हैं ऋषि, कुहू, श्रीराम और सुमन सिन्हा

Sajeev
दोस्तों, आपने गौर किया होगा कि एक दो शुक्रवारों से हम कोई नया गीत अपलोड नहीं कर रहे हैं. दरअसल बहुत से गीत हैं जिन...
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ये इंतज़ार बड़ा मुश्किल, कितनी हीं रंगीं हो महफ़िल…महसूस किया कुहू ने रूचि और वेंकटेश के साथ

Amit
Season 3 of new Music, Song # 18 नए गीतों से रोशन आवाज़ महोत्सव २०१० में आज बारी है १८ वें गीत की, और आज...
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बिन तोड़े पीसे कड़वी सुपारी का स्वाद चखा कुहू, वी डी और ऋषि ने मिलकर

Amit
Season 3 of new Music, Song # 13 देखते ही देखते आवाज़ संगीत महोत्सव अपने तीसरे संस्करण में तेरहवें गीत पर आ पहुंचा है, हमारे...
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सडकें छोटी थीं, दिल बड़े थे, उस शहर के जहाँ इत्तेफ़ाकन मिले थे नितिन, उन्नी और कुहू

Amit
Season 3 of new Music, Song # 12 आज बेहद गर्व के साथ हम युग्म के इस मंच पर पेश कर रहे हैं, दो नए...
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गीत कभी बूढ़े नहीं होते, उनके चेहरों पर कभी झुर्रियाँ नहीं पड़ती…सच ही तो कहा था गुलज़ार साहब ने

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड /रिवाइवल # ४४ गुलज़ार, राहुल देव बर्मन, आशा भोसले। ७० के दशक के आख़िर से लेकर ८० के दशक के मध्य भाग...
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क्या लता जी की आवाज़ से भी अधिक दिव्य और मधुर कुछ हो सकता है कानों के लिए

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड /रिवाइवल # ४२ ‘ओल्ड इज़ गोल्ड रिवाइवल’ में आज हम जिस गीत का रिवाइव्ड वर्ज़न लेकर आए हैं, वह है सन् १९९१...