Tag : Kabir

Dil se Singer

भला हुआ मेरी मटकी फूटी.. ज़िन्दगी से छूटने की ख़ुशी मना रहे हैं कबीर… साथ हैं गुलज़ार और आबिदा

Amit
महफ़िल-ए-ग़ज़ल #११३ सूफ़ियों-संतों के यहां मौत का तसव्वुर बडे खूबसूरत रूप लेता है| कभी नैहर छूट जाता है, कभी चोला बदल लेता है| जो मरता...
Dil se Singer

साहिब मेरा एक है.. अपने गुरू, अपने साई, अपने साहिब को याद कर रही है कबीर, आबिदा परवीन और गुलज़ार की तिकड़ी

Amit
महफ़िल-ए-ग़ज़ल #११२ नशे इकहरे ही अच्छे होते हैं। सब कहते हैं दोहरे नशे अच्छे नहीं। एक नशे पर दूसरा नशा न चढाओ, पर क्या है...
Dil se Singer

मन लागो यार फ़क़ीरी में: कबीर की साखियों की सखी बनकर आई हैं आबिदा परवीन, अगुवाई है गुलज़ार की

Amit
महफ़िल-ए-ग़ज़ल #१११ सूफ़ियों का कलाम गाते-गाते आबिदा परवीन खुद सूफ़ी हो गईं। इनकी आवाज़ अब इबादत की आवाज़ लगती है। मौला को पुकारती हैं तो...
Dil se Singer

जाने न जाने गुल हीं न जाने, बाग तो सारा जाने है.. "मीर" के एकतरफ़ा प्यार की कसक औ’ हरिहरण की आवाज़

Amit
महफ़िल-ए-ग़ज़ल #९६ पढ़ते फिरेंगे गलियों में इन रेख़्तों को लोग,मुद्दत रहेंगी याद ये बातें हमारियां। जाने का नहीं शोर सुख़न का मिरे हरगिज़,ता-हश्र जहाँ में...
Dil se Singer

मुझको भी तरकीब सिखा दे यार जुलाहे…कबीर से बुनकरी सिखना चाहते हैं गुलज़ार और भुपि

Amit
महफ़िल-ए-ग़ज़ल #५२ आकी महफ़िल कुछ खास है। सबब तो समझ हीं गए होंगे। नहीं समझे?… अरे भाई, भुपि(भुपिन्दर सिंह) और गुलज़ार साहब की जोड़ी पहली...
Dil se Singer

रामराज्य बापू का सपना, इस धरती पर लाओ राम

Amit
रामनवमी पर सुनिए अमीर खुसरो, कबीर, तुलसी और राकू को वैष्णव हिन्दू हर वर्ष चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की नवमी को अपने भगवान श्रीराम...