Tag : hasrat mohani

Dil se Singer

जाने न जाने गुल हीं न जाने, बाग तो सारा जाने है.. "मीर" के एकतरफ़ा प्यार की कसक औ’ हरिहरण की आवाज़

Amit
महफ़िल-ए-ग़ज़ल #९६ पढ़ते फिरेंगे गलियों में इन रेख़्तों को लोग,मुद्दत रहेंगी याद ये बातें हमारियां। जाने का नहीं शोर सुख़न का मिरे हरगिज़,ता-हश्र जहाँ में...
Dil se Singer

हम को अब तक आशिक़ी का वो ज़माना याद है….गुलाम अली के मार्फ़त जता रहे हैं "हसरत मोहानी" साहब

Amit
महफ़िल-ए-ग़ज़ल #५५ आज की महफ़िल में हम हाज़िर हैं सीमा जी की पसंद की तीसरी गज़ल लेकर। गज़लों की इस फ़ेहरिश्त को देखकर लगता है...
Dil se Singer

कैसे छुपाऊँ राज़-ए-ग़म…आज की महफ़िल में पेश हैं "मौलाना" के लफ़्ज़ और दर्द-ए-"अज़ीज़"

Amit
महफ़िल-ए-ग़ज़ल #३५ पिछली महफ़िल में किए गए एक वादे के कारण शरद जी की पसंद की तीसरी गज़ल लेकर हम हाज़िर न हो सके। आपको...