Tag : ek pal kii umr lekar

Dil se Singer

आगे भी जाने न तू….जब बदलती है जिंदगी एक पल में रूप अनेक तो क्यों न जी लें पल पल को

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 720/2011/160 सजीव सारथी के लिखे कविता-संग्रह ‘एक पल की उम्र लेकर‘ पर आधारित ‘ओल्ड इज़ गोल्ड’ की इसी शीर्षक से...
Dil se Singer

फिर किसी शाख ने फेंकी छाँव….और "बहुत देर तक" महकती रही तनहाईयाँ

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 719/2011/159 ‘एल्ड इज़ गोल्ड’ के सभी चाहने वालों को सुजॉय चटर्जी का प्यार भरा नमस्कार! जैसा कि इन दिनों इस...
Dil se Singer

आपकी याद आती रही…."अलाव" में जलते दिल की कराह

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 718/2011/158 ‘एक पल की उम्र लेकर‘ – सजीव सारथी की लिखी कविताओं की इस शीर्षक से किताब में से चुनकर...
Dil se Singer

कतरा कतरा मिलती है…..खुशी और दर्द के तमाम फूलों को समेट लेता है "वो" आकर

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 717/2011/157 ‘ओल्ड इज़ गोल्ड’ स्तंभ के सभी श्रोता-पाठकों को सुजॉय और सजीव का प्यार भरा नमस्कार! आज इस सुरीली महफ़िल...
Dil se Singer

तेरे पास आके मेरा वक्त गुजर जाता है …."लम्स तुम्हारा" यूं मुझमें ठहर जाता है

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 716/2011/156 आज रविवार की शाम ‘ओल्ड इज़ गोल्ड’ की एक नए सप्ताह के साथ हम हाज़िर हैं, नमस्कार! पिछले हफ़्ते...
Dil se Singer

कोई होता मेरा अपना…..शोर के "जंगल" में कोई जानी पहचानी सदा ढूंढती जिंदगी

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 715/2011/155 ‘ओल्ड इज़ गोल्ड’ की एक और शाम लेकर मैं, सुजॉय चटर्जी, साथी सजीव सारथी के साथ हाज़िर हूँ। जैसा...
Dil se Singer

दिल ढूँढता है….रोजमर्रा की आपाधापी से भरे शहरी जीवन में सुकून भरा "अवकाश" तलाशती जिंदगी

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 713/2011/153 ‘एक पल की उम्र लेकर’ – सजीव सारथी की कविताओं से सजी इस पुस्तक में से १० चुनिंदा कविताओं...
Dil se Singer

दिन ढल जाए हाय रात न जाए….सरफिरे वक्त को वापस बुलाती रफ़ी साहब की आवाज़

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 711/2011/151 ‘ओल्ड इज़ गोल्ड’ के दोस्तों, नमस्कार, और बहुत बहुत स्वागत है आप सभी का इस सुरीले सफ़र में। कृष्णमोहन...
Dil se Singer

सजीव सारथी के काव्य संग्रह "एक पल की उम्र लेकर" का ऑनलाइन विमोचन और लघु फिल्म "नौ महीने" का प्रीमियर

Amit
सजीव सारथी हिंद युग्म से २००७ में जुड़े थे बतौर कवि. युग्म की स्थायी सदस्यता मिलने के बाद वो लगातार १ साल तक निरंतर कविताओं...