Tag : asha bhonsle

Dil se Singer

“सातों बार बोले बंसी” और “जाने दो मुझे जाने दो” जैसे नगीनों से सजी है आज की “गुलज़ार-आशा-पंचम”-मयी महफ़िल

PLAYBACK
कहकशाँ – 24 गुलज़ार, पंचम और आशा ’दिल पड़ोसी है’ में   “दिल पड़ोसी है, मगर मेरा तरफ़दार नहीं…” ’रेडियो प्लेबैक इण्डिया’ के सभी दोस्तों को...
Dil se Singer

आज की महफ़िल में सुनिए क्यों संगीतकार खय्याम दस वर्ष की छोटी उम्र में घर से भाग गए?

Pooja Anil
खय्याम  महफ़िल ए कहकशाँ 8 दोस्तों सुजोय और विश्व दीपक द्वारा संचालित “कहकशां” और “महफिले ग़ज़ल” का ऑडियो स्वरुप लेकर हम हाज़िर हैं, “महफिल ए...
Dil se Singer

“ये गाँव प्यारा-प्यारा…”, पर नहीं बसा सकीं वर्षा भोसले अपने सपनों का गाँव

PLAYBACK
गायिका वर्षा भोसले को श्रद्धांजलि “ये गाँव प्यारा-प्यारा, ये लवली-लवली गाँव, ये हरियाली पीपल की घनी छाँव, राजा बेटा धरती का प्यारा-प्यारा गाँव…”, बरसों बरस...
Dil se Singer

फिर किसी शाख ने फेंकी छाँव….और "बहुत देर तक" महकती रही तनहाईयाँ

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 719/2011/159 ‘एल्ड इज़ गोल्ड’ के सभी चाहने वालों को सुजॉय चटर्जी का प्यार भरा नमस्कार! जैसा कि इन दिनों इस...
Dil se Singer

कतरा कतरा मिलती है…..खुशी और दर्द के तमाम फूलों को समेट लेता है "वो" आकर

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 717/2011/157 ‘ओल्ड इज़ गोल्ड’ स्तंभ के सभी श्रोता-पाठकों को सुजॉय और सजीव का प्यार भरा नमस्कार! आज इस सुरीली महफ़िल...
Dil se Singer

कुछ दिन पहले एक ताल में….क्लास्सिक कहानी कहने के अंदाज़ में लिखा मजरूह ने इस गीत को

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 675/2011/115 कहानी भरे गीतों से सजी ‘ओल्ड इज़ गोल्ड’ की इन दिनो चल रही लघु शृंखला ‘एक था गुल और...
Dil se Singer

कोमल है कमज़ोर नहीं तू…..जब खुद एक सशक्त महिला के गले से निकला हो ऐसा गीत तो निश्चित ही एक प्रेरणा स्रोत बन जाता है

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 619/2010/319 ‘ओल्ड इज़ गोल्ड’ के दोस्तों, नमस्कार! ‘कोमल है कमज़ोर नहीं’ शृंखला की कल की कड़ी में हमनें यह कहा...
Dil se Singer

मुकाबला हमसे न करो….कभी कभी खिलाड़ी अपने जोश में इस तरह का दावा भी कर बैठते हैं

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 604/2010/304 ‘ओल्ड इज़ गोल्ड’ के दोस्तों नमस्कार और स्वागत है आप सभी का इस स्तंभ में। तो कहिए दोस्तों, कैसा...
Dil se Singer

जिंदगी है खेल कोई पास कोई फेल….भई कोई जीतेगा तो किसी की हार भी निश्चित है, जीवन दर्शन ही तो है ये खेल भी

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 602/2010/302 क्रिकेट-फ़ीवर से आक्रांत सभी दोस्तों को हमारा नमस्कार, और बहुत स्वागत है ‘ओल्ड इज़ गोल्ड’ की महफ़िल में। २०११...
Dil se Singer

"सातों बार बोले बंसी" और "जाने दो मुझे जाने दो" जैसे नगीनों से सजी है आज की "गुलज़ार-आशा-पंचम"-मयी महफ़िल

Amit
महफ़िल-ए-ग़ज़ल #११० बाद मुद्दत के फिर मिली हो तुम,ये जो थोड़ी-सी भर गई हो तुम,ये वज़न तुम पर अच्छा लगता है.. अभी कुछ दिनों पहले...