Author : विश्व दीपक

2 Posts - 0 Comments
Dil se Singer

शत्रुओं की छाती पर लोहा कुट.. बाबा नागार्जुन की हुंकार के साथ आईये करें गणतंत्र दिवस का स्वागत

विश्व दीपक
महफ़िल-ए-ग़ज़ल ०२ बचपन बीत जाता है, बचपना नहीं जाता। बचपन की कुछ यादें, कुछ बातें साथ-साथ आ जाती हैं। उम्र की पगडंडियों पर चलते-चलते उन...
Dil se Singer

हम तो हैं परदेस में देस में निकला होगा चाँद… राही मासूम रज़ा, जगजीत-चित्रा एवं आबिदा परवीन के साथ

विश्व दीपक
“मेरे बिना किस हाल में होगा, कैसा होगा चाँद” – बस इस पंक्ति से हीं राही साहब ने अपने चाँद के दु:ख का पारावार खड़...