Tag : vishwanath tripathi

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ढल गया हिज्र का दिन आ भी गई वस्ल की रात… फ़ैज़ साहब के बेमिसाल बोल और इक़बाल बानो की मदभरी आवाज़

Amit
महफ़िल-ए-ग़ज़ल #८२ बात तो दर-असल पुरानी हो चुकी है, फिर भी अगर ऐसा मुद्दा हो, ऐसी घटना हो जिससे खुशी मिले तो फिर क्यों न...