Tag : pyarelaal

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मेरी भी इक मुमताज़ थी….मधुकर राजस्थानी के दर्द को अपनी आवाज़ दी मन्ना दा ने..

Amit
महफ़िल-ए-ग़ज़ल #५८ आज की महफ़िल में हम हाज़िर हैं शरद जी की पसंद की पहली नज़्म लेकर। शरद जी ने जिस नज़्म की फ़रमाईश की...
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मैं ये सोच कर उसके दर से उठा था…रफी साहब के गाये बहतरीन नज्मों में से एक

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 137 ‘ओल्ड इज़ गोल्ड’ में इन दिनों हम उस सुर साधक की बातें कर रहे हैं जिनका अंदाज़ था सब...