Tag : new composer ghazal

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मगर चादर से बाहर पाँव फैलाना नहीं आता….उस्ताद शायर "यास" यगाना चंगेजी की ग़ज़ल, शिशिर पारखी की आवाज़ में

Sajeev
शिशिर पारखी हिंद युग्म संगीत परिवार के अहम् स्तम्भ हैं. अपनी मखमली आवाज़ और बेजोड़ ग़ज़ल गायन से पिछले लगभग ९-१० महीनों से आवाज़ के...
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"इन हाथों की ताज़ीम करो…"- अली सरदार जाफरी के बोल और शुभम् का संगीत

Amit
आवाज़ पर इस सप्ताह हमने आपको मिलवाया कुछ ऐसे फनकारों से जो यूँ तो आवाज़ और हिंद युग्म से काफी लम्बे समय से जुड़े हुए...