Tag : marasim

Uncategorized

दिन कुछ ऐसे गुजारता है कोई….. महफ़िल-ए-बेइख्तियार और "गुलज़ार"

Amit
महफ़िल-ए-ग़ज़ल #३६ दिशा जी की नाराज़गी को दूर करने के लिए लीजिए हम लेकर हाज़िर हैं उनकी पसंद की पहली गज़ल। इस गज़ल की खासियत...
Uncategorized

एक परवाज़ दिखाई दी है…

Amit
महफ़िल-ए-ग़ज़ल #१३ नाम सोचा हीं न था, है कि नहीं“अमाँ” कहके बुला लिया इक ने“ए जी” कहके बुलाया दूजे ने“अबे ओ” चार लोग कहते हैंजो...