Tag : jagjit kaur

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चले आओ सैयां रंगीले मैं वारी रे….क्या खूब समां बाँधा था इस विवाह गीत ने

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 378/2010/78 जिस तरह से ५० से लेकर ७० के दशक तक के समय को फ़िल्म संगीत का सुनहरा दौर माना...
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तुम अपना रंजो गम, अपनी परेशानी मुझे दे दो….कितनी आत्मीयता के कहा था जगजीत कौर ने इन अल्फाजों को, याद कीजिये ज़रा…

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 335/2010/35 “मेरी याद आएगी आती रहेगी, मुझे तू भुलाने की कोशिश ना करना”। दोस्तों, कुछ आवाज़ें भुलाई नहीं भूलती। ये...