Tag : ina meena dika

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"रोने से दुःख कम न होंगे तो क्यों न हंस खेल जिंदगी बिता लें हम…"- यही था फलसफा किशोर दा का

Amit
श्रोताओं और दर्शकों से खचा खच भरे सभागृह में एक हीरे का सौदागर आता है और उसे देख सभी १० मिनट तक सीटी बजाते हैं,...
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ईन मीना डीका…रम पम पोस रम पम पोस….

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 28 निर्देशक एम् वी रमण किशोर कुमार को बतौर नायक दो फिल्मों में अभिनय करवा चुके थे. 1954 की फिल्म...