Tag : brand new ghazal

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सारी बस्ती निगल गया है (नई धुन, नई ग़ज़ल)

Amit
दूसरे सत्र के २५वें गीत के रूप में सुनिए एक ग़ज़ल कुमार आदित्य नाज़िम नक़वी हम वर्ष २००८ के समापन की ओर बढ़ रहे हैं।...
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सच बोलता है मुंह पर, चाहे लगे बुरा सा

Amit
दूसरे सत्र के तेरहवें गीत का विश्वव्यापी उदघाटन आज. नए गीतों को प्रस्तुत करने के इस चलन में अब तक ऐसा पहली बार हुआ है...
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चले जाना कि रात अभी बाकी है…

Amit
दूसरे सत्र के आठवें गीत का विश्वव्यापी उदघाटन आज आठवीं पेशकश के रूप में हाज़िर है सत्र की दूसरी ग़ज़ल, “पहला सुर” में “ये ज़रूरी...