Month : December 2009

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कैसे दिन बीते कैसे बीती रतिया….पंडित रवि शंकर और शैलेन्द्र की जुगलबंदी

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 299 ‘ओल्ड इज़ गोल्ड’ पर इन दिनों आप सुन रहे हैं शरद तैलंग जी के पसंद के पाँच गानें बिल्कुल...
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ज़िंदगी मेरे घर आना…फ़ाकिर के बोलों पर सुर मिला रहे हैं भूपिन्दर और अनुराधा..संगीत है जयदेव का

Amit
महफ़िल-ए-ग़ज़ल #६३ आज की महफ़िल में हम हाज़िर हैं शामिख जी की पसंद की अंतिम नज़्म लेकर। इस नज़्म को जिन दो फ़नकारों ने अपनी...
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यही वो जगह है, यही वो फिजायें….किसी की यादों में खोयी आशा की दर्द भरी सदा

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 298 शरद तैलंग जी के पसंद के ज़रिए आज बहुत दिनों के बाद हम लेकर आए हैं आशा भोसले और...
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दिल की नज़र से, नज़रों की दिल से….कुछ बातें लता-मुकेश के स्वरों में

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 296 शरद तैलंग जी के पसंद पर आज एक बड़ा ही ख़ूबसूरत सा रोमांटिक नग़मा। ५० के दशक में राज...
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कुहु कुहु बोले कोयलिया… चार रागों में गुंथा एक अनूठा गीत

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 296 ओल्ड इज़ गोल्ड’ पर जारी है फ़रमाइशी गीतों का कारवाँ। पराग सांकला के बाद दूसरी बार बने पहेली प्रतियोगिता...
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रविवार सुबह की कॉफी और कुछ दुर्लभ गीत (२३)

Sajeev
मखमली आवाज़ के जादूगर तलत महमूद साहब को संगीत प्रेमी अक्सर याद करते है उनकी दर्द भरी गज़लों के लिए. उनके गाये युगल गीत उतने...
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नज़र फेरो ना हम से, हम है तुम पर मरने वालों में…जी एम् दुर्रानी साहब लौटे हैं एक बार फिर महफ़िल में

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 295 और आज बारी है पराग सांकला जी के पसंद के पाँचवे और फिलहाल अंतिम गीत को सुनने की। अब...
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सुनो कहानी: हरिशंकर परसाई की ‘ग्रीटिंग कार्ड और राशन कार्ड’

Amit
‘सुनो कहानी’ इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने मुंशी प्रेमचंद की कहानी “नमक का दरोगा” का पॉडकास्ट...
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मोहब्बत तर्क की मैने…तलत की कांपती आवाज़ का जादू

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 294 आज पराग सांकला जी की पसंद पर बारी है तलत महमूद साहब के मख़मली आवाज़ की। १९५१ में ‘आराम’...
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बहाए चाँद ने आँसू ज़माना चांदनी समझा…हेमंत दा का गाया एक बेमिसाल गीत

Sajeev
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 293 ‘ओल्ड इज़ गोल्ड’ पर जारी है पराग सांकला जी के चुने हुए गीतों को सुनवाने का सिलसिला। गीता दत्त...