एक गीत सौ अफ़साने

छुटे असीर तो बदला हुआ जमाना था | एक गीत सौ अफसाने

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वर्ष 1935 की मशहूर फ़िल्म ’देवदास’ की ग़ज़ल “छुटे असीर तो बदला हुआ ज़माना था”। पहाड़ी सान्याल की आवाज़, किदार शर्मा के बोल और तिमिर बरन का संगीत। फ़िल्म ’देवदास’ के बांग्ला और हिन्दी संस्करण के बीच किरदारों और गीत-संगीत के पक्ष का किस प्रकार का ताना-बाना है? हिन्दी में पहाड़ी सान्याल की गायी ग़ज़ल का बांग्ला संस्करण में के. एल. सहगल के गाये किस ग़ज़ल के साथ धुन और सिचुएशन में समानता है? सहगल साहब वाले संस्करण के साथ कौन सा महवपूर्ण किस्सा जुड़ा हुआ है? सहगल और सान्याल ने साथ में किस फ़िल्म में डुएट गाया था? 1955 के ’देवदास’ में इस ग़ज़ल के भाव जैसा कौन सा गीत साहिर साहब ने लिखा था? पहाड़ी सान्याल बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय से मैरिस कॉलेज ऑफ़ म्युज़िक, और वहाँ से न्यु थिएटर्स कैसे पहुँचे? ये सब आज के इस अंक में।

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