एक गीत सौ अफ़साने

पास बैठो तबीयत बहल जायेगी | एक गीत सौ अफसाने

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वर्ष 1964 की चर्चित फ़िल्म ’पुनर्मिलन’ का गीत “पास बैठो तबियत बहल जाएगी, मौत भी आ गई हो तो टल जाएगी”। मोहम्मद रफ़ी की आवाज़, इन्दीवर के बोल, और सी. अर्जुन का संगीत। इस गाने सिचुएशन सुन कर इन्दीवर, सी. अर्जुन को लेकर बस में क्यों बैठ गए? बस में ऐसी कौन से मज़ेदार बात हुई जिससे इस ग़ज़ल की नीव रखी गई? क्यों इन्दीवर ने बस में अपने बगल में बैठे सी. अर्जुन को सीट से उठ जाने को कहा? सी. अर्जुन क्यों चाहते थे कि रफ़ी साहब ही इस ग़ज़ल को गायें? ये सब आज के इस अंक में।

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