Literature

पुष्प या फूल शब्द का संसार, शब्द संसार में

पुष्प । प्रकृति का मूल । धरती पर जीवन का संवाहक और चिरंतन प्रतीक। प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप में हर प्राणी के जीवन का आधार। सुंदर, सुवासित, मनमोहक – सांसारिक वैविध्य और एकरूपता – दोनों की अभिव्यंजना। पूजा-अर्चना, खुशी और शोक के अवसर, उल्लास – वेदना, जय की अनुगूंज, प्रेम की अभिव्यक्ति, श्रृंगार, मनुहार, उपहार , साज-सज्जा – पुष्प हर कहीँ हैं। जीवन के हर महत्वपूर्ण अवसर पर फूलों का साथ निरापद है। इसी पुष्प, इसी फूल के साथ कुछ सुरभित रंग-बिरंग पल बितायेंगे हम इस बार के शब्द संसार मे। समय वही शाम 6:30 पर। और दिन तो शब्दवार यानि सोमवार है ही।
Speakers: Shailaish Chandrapravir, Sangya Tandon, Pradyumna Singh Bess, Shubhra Thakur, Pooja Anil.

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