Literature

घर या गृह शब्द से जुड़ी दिलचस्प बातें

घर । जहां हर रात ढलती है, हर सूरज चढ़ता है। जहां से उम्मीद हर सुबह निकलती है और सांझ ढले हकीकत बन लौटती है। घर सबका होता है। सच में। और जिनका सच में नहीं होता उनके सपनों में होता है। ये घर हमारा संसार है। हमारे सुख-दुख का हमदम। हमारा और हमारे परिवार का आश्रयदाता। अच्छे-बुरे वक्त में हमारा साथी, मीत, सखा। इसी घर के संसार पर एक नज़र डालेंगे इस बार हम शब्द-संसार में।

Speakers: Shailaish Chandrapravir, Shubhra Thakur, Deepak Bhatnagar, Sangya Tandon, Pooja Anil.

हम सब के पास होती हैं ढेरों बातें, ढेरों किस्से और कहानियां, बांटे यही कहानियां हमारे Mentza app पर, जहां 20 मिनट की लाइव बातचीत के माध्यम से आप रच सकते हैं अपना खुद का पॉडकास्ट जिसे दुनिया सुनेगी Spotify और दूसरे पॉडकास्ट चैनलों पर, तो आज ही Mentza app डाउनलोड करें और हमारी हिंदी रेडियो प्लेबैक इंडिया कम्यूनिटी ज्वाइन करें, बस फिर क्या ?
दिल खोल के बोल, हिंदी में बोल।
Download Mentza and Join us on
Share your stories, Pick people’s brains!
Link: https://on.mentza.com/communities/87

https://open.spotify.com/episode/2kwMlT2K3UOkvwIpqZ6QFP?si=tdR7YX3ZRBmx5VCkb0DR4g&utm_source=copy-link

Related posts

Paani | Shabd Sansaar

Sajeev Sarathie

पुष्प या फूल शब्द का संसार, शब्द संसार में

Sajeev Sarathie

अज्ञेय रचनावली: कुछ और पहलू

Sajeev Sarathie

Leave a Comment