एक गीत सौ अफ़साने

Tumko Hanste Dekh Zamana Jalta hai | Ek Geet Sau Afsane

वर्ष 1956 की मशहूर फ़िल्म ’हम सब चोर हैं’ का गीत “हमको हँसते देख ज़माना जलता है”। जी. एम. दुर्रानी और मोहम्मद रफ़ी की आवाज़ें, मजरूह सुल्तानपुरी के बोल, और ओ. पी. नय्यर का संगीत। किस तरह का ताना-बाना था जी. एम. दुर्रानी और मोहम्मद रफ़ी के सुरीले सम्बन्ध का? कैसे दोनों दो मोड़ पर एक दूसरे के काम आये? क्या नाता है इसका फ़िल्म’हम सब चोर हैं’ के इस गीत के साथ? आगे चल कर किस फ़िल्म में रफ़ी साहब ने दुर्रानी साहब का पार्श्वगायन किया? ये सब, आज के अंक में।

https://open.spotify.com/episode/5539ikLuiOupuSEewNhpe6?si=rlz2-3gfSdKa4S-eE5rEaA&utm_source=copy-link

Related posts

केतकी गुलाब जूही ।। Ek Geet Sau Afsane

Sajeev Sarathie

Mohe Panghat Pe | Ek Geet Sau Afsane

Sajeev Sarathie

“ससुराल गेंदा फूल…””फ़िल्म ’Delhi-6′ के लिए छत्तीसगढ़ी लोक गीत को ही क्यों चुना गया?

cgswar

Leave a Comment