Saptak RPI Originals

सांवरे ।। Saptak RPI Originals

गांव का आदमी चाहे किसी भी महानगर में जा के बस जाए, गांव कहीं न कहीं बसा ही रहता है उसके दिल में, और ये भी होता है कि उसका छूटा हुआ गांव भी उसे पुकारता ही रहता है इस उम्मीद में कि कभी तो उसका बिछड़ा हुआ बच्चा उसके आंचल को लौटेगा…
कुछ ऐसी ही भावनाऐं समेटे है Saptak Rpi के आठवां ओरिजिनल गीत, शब्द हैं Hirendra Jha और Sajeev Sarathie के, संगीत Rishi S Composer का और आवाज़ें Rajeshwari Venkataraman और Lubhanu Priy की, उम्मीद है आपको ये गीत पसंद आएगा, अगर आए तो जम कर शेयर करें, और इस गीत से जुड़े कलाकारों का हौंसला बढ़ाएं ।

Spotify लिंक नीचे दिया हुआ है, वैसे गीत सभी लीडिंग संगीत प्लेटफार्मों पर उपलब्ध है

Sanwarae

Special thanks to Manuj Mehta for cover photography
And Rianshika R for music assistance

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