एक गीत सौ अफ़साने

बाबुल मोरा नैहर छूटो जाए ।। Ek Geet Sau Afsane

आज की कड़ी में हम लेकर आए हैं वर्ष 1938 की चर्चित फ़िल्म ’Street Singer’ की कालजयी ठुमरी “बाबुल मोरा नैहर छूट ही जाये” से सम्बन्धित कुछ रोचक जानकारियाँ। कौन सी दो बड़ी ग़लतियाँ की थीं कुन्दनलाल सहगल साहब ने इस ठुमरी में? जानिये संगीतकार रायचन्द बोराल से इस गीत के फ़िल्मांकन के बारे में। साथ ही इस फ़िल्म से जुड़ी कुछ और दिलचस्प बातें। ये सब आज के इस अंक में।

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