बोलती कहानियाँ

खो जाते हैं घर || बोलती कहानियां

लोग तो अक्सर खो जाते हैं, लेकिन कभी-कभी घर भी खो जाते हैं। सुनिये सूरज प्रकाश की हृदयस्पर्शी कथा “खो जाते हैं घर”, दीपिका भाटिया के स्वर में, रेडियो प्लेबैक इंडिया के साप्ताहिक कार्यक्रम “बोलती कहानियाँ” पर।Deepika Bhatia reads Suraj Prakash’s touching story “Kho Jaate Hain Ghar” for weekly podcast of Bolti Kahaniyan.

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