काव्य तरंग

काव्य तरंग || मुकुल तिवारी || ओपन माइक – नदी की आवाज़ सुनो

काव्य तरंग 
रेडियो प्लेबैक इंडिया की प्रस्तुति ‘ नदी की आवाज़ सुनो ‘
काव्य तरंग के दूसरे सीजन की थीम है ‘नदी’। इस महीने में आप अलग अलग आवाज़ों में नदी पर आधारित कविताओं का आनंद  उठा सकेंगे।

नदी के कई रूप है। कभी वो शोख़ है।  कभी चंचल है, कभी अल्हड़, कभी मचलती है बलखाती है कभी ख़ामोश -चुपचाप है! नदी के कई रूपों स्वरूपों से परिचय करवा रही है मुकुल तिवारी। 

आवाज़ तथा आलेख – मुकुल तिवारी 
कविताएँ – डा. उषा किरण, साधना वैद 
तकनीकी सहायता  – अमित तिवारी 
आर्ट वर्क – मनुज मेहता, अमित तिवारी
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