काव्य तरंग

काव्य तरंग // अनु चक्रवर्ती // ओपन माइक – कुछ कहती है नदी

   काव्य तरंग 

रेडियो प्लेबैक इंडिया की प्रस्तुति ‘ कुछ कहती है नदी ‘
काव्य तरंग के दूसरे सीजन की थीम है ‘नदी’। इस महीने में आप अलग अलग आवाज़ों में नदी पर आधारित कविताओं का आनंद  उठा सकेंगे।

नदी तीरे सुंदर चांदनी का बिछौना। 

सागर का आतुर मन बने रेत का खिलौना। 
इन नदियों की भी अपनी कहानियां है। 
बड़े खूबसूरत इनके आवेग और जवानियां है।
आवाज़, कविता तथा आलेख – अनु चक्रवर्ती 
तकनीकी सहायता  – अमित तिवारी 
आर्ट वर्क – मनुज मेहता , अमित तिवारी
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1 comment

शिवम् कुमार पाण्डेय May 19, 2021 at 6:11 am

बहुत सुंदर।

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