Dil se Singer

ऑडियो: सम्वेदनाएँ (कन्हैयालाल पाण्डेय)

‘बोलती कहानियाँ’ स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछली बार आपने कन्हैयालाल पाण्डेय के स्वर में उन्हीं की कहानी रानी माँ का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं कन्हैयालाल पाण्डेय की लघुकथा “सम्वेदनाएँ”, जिसे स्वर दिया है, कन्हैयालाल पाण्डेय ने।

इस रचना का कुल प्रसारण समय 3 मिनट 51 सेकण्ड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानी, उपन्यास, नाटक, धारावाहिक, प्रहसन, झलकी, एकांकी, या लघुकथा को स्वर देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।


कन्हैयालाल पाण्डेय
4 नवम्बर, 1954 को हरदोई में जन्म। भारतीय रेल यातायात सेवा (सेवानिवृत्त)। हिन्दी में छह साहित्यिक तथा दो संगीत पुस्तकों का लेखन। साहित्य व संगीत के क्षेत्र में अनेक पुरस्कारों से सम्मानित

हर सप्ताह यहीं पर सुनिए एक नयी कहानी


“वे तो प्रेम का अनुपम भण्डार थीं।”
(कन्हैयालाल पाण्डेय की “सम्वेदनाएँ” से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.
(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर ‘प्ले’ पर क्लिक करें।)

यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाउनलोड कर लें:
सम्वेदनाएँ mp3

#Sixteenth Story: Samvedanaaen; Author: Kanhayalal Pandey; Voice: Kanhayalal Pandey; Hindi Audio Book/2020/16.

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4 comments

Niraj Sharma August 25, 2020 at 2:11 pm

सच में। पेड़ पौधों में भी संवेदनाओं की समझ होती है।

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Anita August 26, 2020 at 11:34 am

हृदयस्पर्शी कहानी

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Dr Krishna K Pandey August 27, 2020 at 9:43 am

बहुत ही मार्मिक और दिल को छूने वाली है। पेड़ पौधों के प्रति सम्वेदनशीलता से एक अलग किस्म का एहसास होता है

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Unknown August 29, 2020 at 12:56 pm

बहुत संवेदनशील और हृदय स्पर्शी लघु कथा

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