Dil se Singer

बोलती कहानियाँ: बेचैनी (लघुकथा)

लोकप्रिय स्तम्भ “बोलती कहानियाँ” के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने शीतल माहेश्वरी के स्वर में शरद जोशी के व्यंग्य रेल यात्रा” का वाचन सुना था।

आज प्रस्तुत है दीपक मशाल की लघुकथा बेचैनी, जिसे स्वर दिया है शीतल माहेश्वरी ने।

प्रस्तुत लघुकथा “बेचैनी” का कुल प्रसारण समय 2 मिनट 26 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिकों, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।


कुछ बड़े लोगों से मिला था कभी,
तबसे कोई बड़ा नहीं लगता
इतनी बौनी है दुनिया कि कोई,
खड़ा हुआ भी खड़ा नहीं लगता
 ~ दीपक मशाल


हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी


“हाँ जी पहुँच गये हैं गेट पर।”
 (दीपक मशाल की लघुकथा “बेचैनी” से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.


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यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
बेचैनी MP3


#19th Story, Bechaini; Dipak Mashal; Hindi Audio Book/2018/19. Voice: Sheetal Maheshwari

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3 comments

शिवम् मिश्रा September 11, 2018 at 4:43 pm

ब्लॉग बुलेटिन की दिनांक 11/09/2018 की बुलेटिन, स्वामी विवेकानंद के एतिहासिक संबोधन की १२५ वीं वर्षगांठ “ , मे आप की पोस्ट को भी शामिल किया गया है … सादर आभार !

Reply
Smart Indian September 13, 2018 at 2:41 am

धन्यवाद शिवम्

Reply
Anita September 14, 2018 at 12:00 pm

बहुत सुंदर कहानी..मिठास भरी..

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