Dil se Singer

उषा छाबड़ा का साक्षात्कार – सजीव सारथी

लोकप्रिय स्तम्भ “बोलती कहानियाँ” के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। इस शृंखला में पिछली बार आपने अर्चना चावजी के स्वर में मालती जोशी की लघुकथा आखरी शर्त का वाचन सुना था।

आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं बाल साहित्य के क्षेत्र में एक जाना पहचाना नाम, उषा छाबड़ा, जिनसे बातचीत कर रहे हैं, रेडियो प्लेबैक इंडिया के संस्थापक व प्रमुख सम्पादक, सजीव सारथी। तो आइये, जानें उषा जी की साहित्य यात्रा को।

प्रस्तुत साक्षात्कार का कुल प्रसारण समय 15 मिनट 34 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।


उषा जी साहित्यिक अभिरुचि वाली अध्यापिका हैं। वे पिछले उन्नीस वर्षों से दिल्ली पब्लिक स्कूल ,रोहिणी में अध्यापन कार्य में संलग्न हैं। उन्होंने कक्षा नर्सरी से कक्षा आठवीं तक के स्तर के बच्चों के लिए पाठ्य पुस्तकें एवं व्याकरण की पुस्तक श्रृंखला भी लिखी हैं। वे बच्चों एवं शिक्षकों के लिए वर्कशॉप लेती रहती हैं। बच्चों को कहानियाँ सुनाना उन्हें बेहद पसंद है। उनकी कविताओं की पुस्तक “ताक धिना धिन” और उस पर आधारित ऑडियो सीडी प्रकाशित हो चुकी हैं। आप उनकी आवाज़ में पंडित सुदर्शन की कालजयी कहानी “हार की जीत” तथा उनकी अपनी कहानियाँ मुस्कान, “स्वेटर“, “बचपन का भोलापन” व प्रश्न पहले ही सुन चुके हैं। आप उनसे उनके ब्लॉग अनोखी पाठशाला पर मिल सकते हैं।


हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी


केवल बच्चे ही नहीं, बड़े भी उतने ही शौक से कहानियाँ सुनते हैं।
 (उषा छाबड़ा के साक्षात्कार से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.


(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर ‘प्ले’ पर क्लिक करें।)
यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
उषा छाबड़ा का साक्षात्कार MP3


#Seventh Story, Interview; Usha Chhabra; Hindi Audio Book/2017/7. Voice: Sajeev Sarathie

Related posts

ऑडियो: देवी नागरानी की कथा अतीत

Smart Indian

मेरा तो जो भी कदम है…..इतना भावपूर्ण है ये गीत कि सुनकर किसी की भी ऑंखें नम हो जाए

Sajeev

ए आर रहमान और ढेरों युवा संगीत कर्मियों के जोश को समर्पित एक गीत

Amit

1 comment

Ush May 9, 2017 at 2:49 pm

Thank you so much Sajiv ji for taking out your precious time. I highly appreciate the hard work of the whole team. Kudos!

Reply

Leave a Comment