Dil se Singer

परीशाँ हो के मेरी ख़ाक आख़िर दिल न बन जाए.. पेश-ए-नज़र है अल्लामा इक़बाल का दर्द मेहदी हसन की जुबानी

महफ़िल ए कहकशाँ 18



दोस्तों सुजोय और विश्व दीपक द्वारा संचालित “कहकशां” और “महफिले ग़ज़ल” का ऑडियो स्वरुप लेकर हम हाज़िर हैं, “महफिल ए कहकशां” के रूप में पूजा अनिल और रीतेश खरे  के साथ।  अदब और शायरी की इस महफ़िल में आज पेश है मोहम्मद अल्लामा इकबाल की लिखी गज़ल मेहदी हसन की आवाज़ में|  







मुख्य स्वर – पूजा अनिल एवं रीतेश खरे 
स्क्रिप्ट – विश्व दीपक एवं सुजॉय चटर्जी

इस ऑडियो को आप यहाँ से डाउनलोड भी कर सकते हैं| लिंक पर राइट क्लिक करके सेव एज का आप्शन चुनें|
allamaiqbal.mp3

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3 comments

Kusum January 5, 2017 at 1:39 pm

AWESOME programme ��
Bahut acche����

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Pooja Anil January 8, 2017 at 9:55 am

Thank you so m much kusum. Happy that you liked it.

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Vinode Dudani January 16, 2017 at 3:21 am

To be frank, I didn't know much about the personality so far.

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