Dil se Singer

खलील जिब्रान की आनंद और पीड़ा

लोकप्रिय स्तम्भ “बोलती कहानियाँ” के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। इस शृंखला में पिछली बार आपने पूजा अनिल के स्वर में गीत चतुर्वेदी के उपन्यास “रानीखेत एक्सप्रेस के एक अंश” का वाचन सुना था।

आज प्रस्तुत है विश्व प्रसिद्ध साहित्यकार खलील जिब्रान की लघुकथा आनंद और पीड़ा जिसे स्वर दिया है उषा छाबड़ा ने।

प्रस्तुत अंश का कुल प्रसारण समय 2 मिनट 45 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। बलराम अग्रवाल द्वारा किये गए इस लघुकथा के अनुवाद का गद्य हिंदी समय पर पढा जा सकता है।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।


लेबनानी और अमेरिकी नागरिकता वाले लेखक खलील जिब्रान 6 जनवरी 1883 को सीरिया में जन्मे थे परंतु उनकी कर्मभूमि अमेरिका रही जहाँ सन् 1932 में छपी उनकी पुस्तक “द प्रॉफ़ेट” प्रसिद्ध हुई।


हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी


“उन्होंने एक दूसरे का अभिवादन किया और ठहरे हुए जल के किनारे बैठकर बातें करने लगे।”
 (खलील जिब्रान की लघुकथा “आनंद और पीड़ा” से एक अंश)


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यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
आनंद और पीडा MP3


#Twenty Second Story, Anand aur Peeda; Khalil Gibran; Hindi Audio Book/2016/22. Voice: Usha Chhabra

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5 comments

बलराम अग्रवाल December 14, 2016 at 7:48 pm

बधाई उषा जी। कहानी वाचन बहुत ही प्रभावशाली है। और धन्यवाद, 'आनन्द और पीड़ा' के अनुवादक के नाम का उल्लेख करने के लिए।

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Ush December 17, 2016 at 3:33 pm

आपको मेरा वाचन पसंद आया, आपका हार्दिक आभार बलराम जी। मैं कोई कहानी खोजती हुई 'हिंदी समय' के लिंक पर पर पहुँच गई थी। वहाँ कई कहानियाँ पढ़ी और जाने क्यों यह कहानी कुछ अलग- सी लगी। आपने सुंदर अनुवाद कर, हम तक इस कहानी को पहुँचाया इसके लिए आपका हार्दिक धन्यवाद। अनुराग जी ने इतना अच्छा मंच दिया है जिससे ढेरों सुंदर कहानियाँ पाठकों तक श्रव्य माध्यम से पहुँच पा रही हैं। अनुराग जी , आपका भी हार्दिक आभार।

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Ush December 19, 2016 at 3:27 pm

….

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Smart Indian December 22, 2016 at 9:20 pm

कहानी, अनुवाद और वाचन, सभी एक से बढकर एक. बहुत बधाई उषा जी!

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Vibha Rashmi January 8, 2017 at 7:44 am

'आनंद और पीड़ा ' खलील जिब्रान जी की सशक्त लघुकथा का बलराम अग्रवाल भाई द्वारा सटीक अनुवाद, उषा छाबड़ा जी का लयात्मक स्वर में प्रभावी कथा – वाचन अपूर्व बन पड़ा है। सभी को हार्दिक बधाई ।

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