Dil se Singer

माधव नागदा की लघुकथा माँ

लोकप्रिय स्तम्भ “बोलती कहानियाँ” के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। इस शृंखला में पिछली बार आपने पूजा अनिल के स्वर में  दीपक मशाल की कथा “निमंत्रण” का पाठ सुना था।

इस बार हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं माधव नागदा की लघुकथा माँ, जिसे स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।

प्रस्तुत लघुकथा “माँ” का कुल प्रसारण समय 3 मिनट 29 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। इस लघुकथा का गद्य सेतु पत्रिका के अक्टूबर अंक में पढा जा सकता है।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।


“बिग बॉस हम सबके भीतर रहता है रोड़ीलाल।”
 ~ माधव नागदा


हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी हिन्दी कहानी


“गले लगी है, बहुत दिनों बाद, रमेश को लगता है कि उसकी बाँहों में कैक्टस उग आये हैं।”
 (माधव नागदा की लघुकथा “माँ” से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.


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यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
माँ MP3


#Nineteenth Story, Maan; Madhav Nagda; Hindi Audio Book/2016/19. Voice: Anurag Sharma

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1 comment

Sachin tyagi November 2, 2016 at 11:36 am

अच्छी कहानी थी "माँ"।
रमेश ने मीना को एक पाठ पढ़ाया जैसे को तैसा।

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