Dil se Singer

जब एक “मुक्कमल शायर” की तलाश कमाल अमरोही को ले आई निदा फाजली तक

दोस्तों सुजोय और विश्व दीपक द्वारा संचालित “कहकशां” और “महफिले ग़ज़ल” का ऑडियो स्वरुप लेकर हम हाज़िर हैं, महफिले कहकशां के रूप में. पूजा अनिल और रीतेश खरे के साथ अदब और शायरी की इस महफ़िल में सुनिए वो मशहूर किस्सा, जब कमाल अमरोही एक मुक्कमल शायर को ढूंढते ढूंढते जा पहुंचें निदा फाजली तक, और शुरू हुआ निदा फाजली का फ़िल्मी सफ़र. उम्मीद है हमारी ये प्रस्तुति आपको पसंद आएगी

Related posts

लोकगीतों में वतन वाले सुनें नाम मेरा

Amit

रामधारी सिंह दिनकर की कविता गाइए और संगीतबद्ध कीजिए और जीतिए रु 7000 के नग़द इनाम

Amit

साथी रे, भूल न जाना मेरा प्यार….कोई कैसे भूल सकता है दादु के संगीत योगदान को

Sajeev

2 comments

Vinode Dudani March 17, 2016 at 11:34 am

Beautiful content & the superb voice, Congrats !

Reply
Reetesh Khare March 21, 2016 at 1:58 pm

मुबारक़ें…पूजा जी, विश्व दीपक भाई, सुजॉय जी, सजीव जी और तमाम RPI मेम्बरान 🙂

Reply

Leave a Comment