Dil se Singer

संतोष त्रिवेदी का व्यंग्य कूड़ा

लोकप्रिय स्तम्भ “बोलती कहानियाँ” के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने उषा छाबड़ा के स्वर में उन्हीं की शिक्षाप्रद लघुकथा “स्वेटर” का पाठ सुना था। आज अनुराग शर्मा के स्वर में हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं, संतोष त्रिवेदी का व्यंग्य कूड़ा

हिन्दी के स्थापित साहित्यकार संतोष त्रिवेदी साहित्यिक अभिरुचि वाले अध्यापक हैं। वे लम्बे समय से दिल्ली में अध्यापन कार्य के साथ-साथ स्वतंत्र लेखन में संलग्न हैं।

इस कहानी कूड़ा का कुल प्रसारण समय 3 मिनट 29 सेकंड है। इस कहानी “कूड़ा” का गद्य फेसबुक पर उपलब्ध है. सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।


अब के बरस उनका यही फरमान है,
इंसान बस लूटा हुआ सामान है।
~ संतोष त्रिवेदी


हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी कहानी


“कचरा-संस्कृति राजधानी से निकलकर पूरे देश में फैलना चाहती है। इसके लिए उपयुक्त वातावरण भी है क्योंकि कचरा सर्वत्र है।”
 (संतोष त्रिवेदी के व्यंग्य “कूड़ा” से एक अंश)


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कूड़ा MP3


#Fifth Story, Kooda: Santosh Trivedi/Hindi Audio Book/2016/5. Voice: Anurag Sharma

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Amit

1 comment

Anita February 9, 2016 at 6:35 am

उफ़..कितना तीखा व्यंग्य..क्या भारत की तकदीर में कचरा संस्कृति ही लिखी है..शायद हम इसी के लायक हैं..या फिर एक बार फिर दुगने जोश के साथ सफाई अभियान चलेगा और इस बार सरकार नहीं जनता इसे शुरू करेगी..

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