Dil se Singer

उषा छाबड़ा की लघुकथा प्रश्न

लोकप्रिय स्तम्भ “बोलती कहानियाँ” के अंतर्गत हम हर सप्ताह आपको सुनवाते रहे हैं नई, पुरानी, अनजान, प्रसिद्ध, मौलिक और अनूदित, यानि के हर प्रकार की कहानियाँ। पिछली बार आपने अनुराग शर्मा के स्वर में हिन्दी के प्रसिद्ध साहित्यकार असगर वजाहत की लघुकथा “जब वह बुलाएगा” का पाठ सुना था। आज हम आपकी सेवा में प्रस्तुत कर रहे हैं, उषा छाबड़ा की लघुकथा प्रश्न, उन्हीं के स्वर में।

उषा जी साहित्यिक अभिरुचि वाली अध्यापिका हैं। वे पिछले उन्नीस वर्षों से दिल्ली पब्लिक स्कूल ,रोहिणी में अध्यापन कार्य में संलग्न हैं। उन्होंने कक्षा नर्सरी से कक्षा आठवीं तक के स्तर के बच्चों के लिए पाठ्य पुस्तकें एवं व्याकरण की पुस्तक श्रृंखला भी लिखी हैं। वे बच्चों एवं शिक्षकों के लिए वर्कशॉप लेती रहती हैं। बच्चों को कहानियाँ सुनाना उन्हें बेहद पसंद है। उनकी कविताओं की पुस्तक “ताक धिना धिन” और उस पर आधारित ऑडियो सीडी प्रकाशित हो चुकी हैं। आप उनकी आवाज़ में पंडित सुदर्शन की कालजयी कहानी “हार की जीत” तथा दो बच्चियों के वार्तालाप पर आधारित उनकी अपनी कहानी “बचपन का भोलापन” पहले ही सुन चुके हैं। आप उनसे उनके ब्लॉग अनोखी पाठशाला पर मिल सकते हैं।

इस कहानी प्रश्न का कुल प्रसारण समय 2 मिनट 26 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो अधिक जानकारी के लिए कृपया admin@radioplaybackindia.com पर सम्पर्क करें।


इंसानियत की मशाल सब मिलकर उठाएं
जश्न मानवता का एक जुट हों मनाएं
चलो सब एक हो नया गीत गुनगुनाएं
प्रेम के संदेश को जन जन में फैलाएं
~ उषा छाबड़ा


हर सप्ताह यहीं पर सुनें एक नयी कहानी


“दोनों, दादी का हाथ थामे उछलकूद कर रहे थे।”
 (उषा छाबड़ा की लघुकथा “प्रश्न” से एक अंश)


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प्रश्न MP3


#Twenty Seventh Story, Prashn: Usha Chhabra/Hindi Audio Book/2015/27. Voice: Usha Chhabra

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4 comments

Anita December 22, 2015 at 9:24 am

..न तो कल्पना की उड़ान न ही झूठ, बच्चा अवश्य ही पहले किसी शादी में गया था और क्या इसे उसकी स्मृति का कमाल ही नहीं कहना चाहिए..

Reply
beena December 22, 2015 at 3:21 pm

अच्छी लगी कहानी बच्चे होते ही कल्पनाशील हैं |
बीना शर्मा

Reply
Ush December 18, 2016 at 3:44 pm

अनीता जी ,आपने अच्छी बात सुझाई। आपका हार्दिक आभार।

Reply
Ush December 18, 2016 at 3:45 pm

बीना जी, आपका हार्दिक धन्यवाद।

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