Dil se Singer

गिरिजेश राव की कहानी एक सुख ऐसा भी

‘बोलती कहानियाँ’ इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको हिन्दी में मौलिक व अनुवादित नई पुरानी, रोचक कहानियाँ सुनवा रहे हैं। पिछली बार आपने प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार श्यामचंद्र कपूर की कथा “बहू लक्ष्मी” का पॉडकास्ट अर्चना चावजी के चिर-परिचित स्वर में सुना था। आज हम लेकर आये हैं भावों से परिपूर्ण लेखक गिरिजेश राव की मर्मस्पर्शी कथा “…एक सुख ऐसा भी“, वाचन अनुराग शर्मा द्वारा।

आदि से अंत तक बांधकर रखने वाली कहानी “… एक सुख ऐसा भी” का कुल प्रसारण समय 7 मिनट 38 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

इस कथा का आलेख/टेक्स्ट एक आलसी का चिट्ठा ब्लॉग पर उपलब्ध है।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं तो देर न करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया हमें admin@radioplaybackindia.com पर संपर्क करें।


काशी की उत्पत्ति ‘काश’ से है जिसका अर्थ होता है प्रकाश। यह सनातन नगरी प्रकाश नगरी है। धान या वृहि अन्न की उपज से जुड़ा प्रकाशपर्व यहाँ अपनी विशिष्टता लिये हुये है। पाँच दिनों तक पुराने महाल बाबा विश्वनाथ की पड़ोसन देवी अन्नपूर्णा का विशेष दरबार लगता है।
~ गिरिजेश रावसनातन कालयात्री



“बोलती कहानियाँ” में हर सप्ताह सुनें एक नयी कहानी


कोई कोई हँसी ऐसी होती है जैसे बाँध दरक रहा हो और पानी धीरे धीरे प्रवाह पा रहा हो। वे दोनों ऐसे ही हँसे थे हालाँकि मैं यह देख थोड़ा उलझा भी कि उन्हों ने डिब्बा वापस वैसे ही झोले में रख दिया था।
(गिरिजेश राव की “…एक सुख ऐसा भी” से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.
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यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें:
…एक सुख ऐसा भी MP3

#Eleventh Story, Ek Sukh Aisa Bhi: Girijesh Rao/Hindi Audio Book/2014/11. Voice: Anurag Sharma

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2 comments

Suman October 29, 2014 at 5:02 am

behad sundar kahani man ko chu gayi !

Reply
Archana Chaoji October 29, 2014 at 12:29 pm

सुनकर मन भर आया …

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