Dil se Singer

शब्दों के चाक पर – १९

दुर्गा की अराधना” और “नदी हूँ, फिर भी प्यासी


पर्वतों से निकली

या धरा से फूटी

कभी गंगा बन

शिव जटा से छूटी

मैं जल की धारा ले के

बह निकली

निस्वार्थ निशचल

निर्विकार निर्मल

कभी मौन कभी चंचल

कहीं बंजर सींचे

कहीं पाप धोये

सीने पे अपने

जाने कितने बांध ढोये

दोस्तों, आज की कड़ी में हमारे दो विषय हैं – “दुर्गा की अराधना” और “नदी हूँ, फिर भी प्यासी” है। जीवन के इन दो अलग-अलग पहलुओं की कहानियाँ पिरोकर लाये हैं आज हमारे विशिष्ट कवि मित्र। पॉडकास्ट को स्वर दिया है अभिषेक ओझा ओर शेफाली गुप्ता ने, स्क्रिप्ट रची है विश्व दीपक ने, सम्पादन व संचालन है अनुराग शर्मा का, व सहयोग है वन्दना गुप्ता का। आइये सुनिए सुनाईये ओर छा जाईये …


(नीचे दिए गए किसी भी प्लेयेर से सुनें)

 या फिर यहाँ से डाउनलोड करें (राईट क्लिक करके ‘सेव ऐज़ चुनें’)

“शब्दों के चाक पर” हमारे कवि मित्रों के लिए हर हफ्ते होती है एक नयी चुनौती, रचनात्मकता को संवारने के लिए मौजूद होती है नयी संभावनाएँ और खुद को परखने और साबित करने के लिए तैयार मिलता है एक और रण का मैदान. यहाँ श्रोताओं के लिए भी हैं कवि मन की कोमल भावनाओं उमड़ता घुमड़ता मेघ समूह जो जब आवाज़ में ढलकर बरसता है तो ह्रदय की सूक्ष्म इन्द्रियों को ठडक से भर जाता है. तो दोस्तों, इससे पहले कि हम पिछले हफ्ते की कविताओं को आत्मसात करें, आईये जान लें इस दिलचस्प खेल के नियम –

कवियों के साथ – शब्दों के चाक पर 19

1. इस साप्ताहिक कार्यक्रम में शब्दों का एक दिलचस्प खेल खेला जायेगा. इसमें कवियों को कोई एक थीम शब्द या चित्र दिया जायेगा जिस पर उन्हें कविता रचनी होगी…ये सिलसिला सोमवार सुबह से शुरू होगा और गुरूवार शाम तक चलेगा, जो भी कवि इसमें हिस्सा लेना चाहें वो रश्मि जी के फेसबुक ग्रुप में यहाँ जुड़ सकते है.

2. सोमवार से गुरूवार तक आई कविताओं को संकलित कर हमारे पोडकास्ट टीम के प्रमुख पिट्सबर्ग से अनुराग शर्मा जी अपने साथी पोडकास्टरों के साथ इन कविताओं में आवाज़ भरेंगें और अपने दिलचस्प अंदाज़ में इसे पेश करेगें.

3. हमारी टीम अपने विवेक से सभी प्रतिभागी कवियों में से किसी एक कवि को उनकी किसी खास कविता के लिए सरताज कवि चुनेगी. आपने अपनी टिप्पणियों के माध्यम से यह बताना है कि क्या आपको हमारा निर्णय सटीक लगा, अगर नहीं तो वो कौन सी कविता जिसके कवि को आप सरताज कवि चुनते.

4. अधिक जानकारी के लिए आप हमारे संचालक विश्व दीपक जी से इस पते पर संपर्क कर सकते हैं- vdeepaksingh@gmail.com

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3 comments

Rajesh Kumari November 9, 2012 at 7:48 am

हर बार की तरह इस एपिसोड ने भी दिल जीत लिया वही उत्कृष्ट स्क्रिप्ट ,आवाजों का जादू कवितायें सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं ,राजेश सक्सेना और अमित आनंद पाण्डेय जी को विशेष बधाई उनकी कवितायें सच में डिजर्व करती थीशैफाली जी को सच में पिछली बार मिस किया

Reply
vandan gupta November 9, 2012 at 11:52 am

आपका इस प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार (10-11-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!
सूचनार्थ!

Reply
vandan gupta November 9, 2012 at 12:19 pm

बेहतरीन प्रयास होता है आप सबका और दोनो ही रचनायें बेजोड चुनी हैं दोनो रचनाकारों को हार्दिक बधाई

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