Dil se Singer

सुनो कहानी: अल्ताफ़ फ़ातिमा की गैर मुल्की लडकी

‘सुनो कहानी’ इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अनुराग शर्मा की आवाज़ में जयशंकर प्रसाद की कहानी ‘ममता‘ का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं अल्ताफ़ फ़ातिमा की कहानी “ग़ैर-मुल्की लडकी“, जिसको स्वर दिया है प्रीति सागर ने। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं। कहानी का कुल प्रसारण समय है: 17 मिनट 20 सेकंड।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।


अल्ताफ़ फ़ातिमा
जन्म 1929 में लखनऊ में।
माता-पिता: जहाँ मुम्ताज़ और फज़ले मुहम्मद अमीन
वर्तमान निवास: लाहौर पाकिस्तान


हर शनिवार को आवाज़ पर सुनिए एक नयी कहानी


“अब कैसी चुप्पी साधी है बडी बी ने।”
(अल्ताफ़ फ़ातिमा की “गैर मुल्की लड़की” से एक अंश)



नीचे के प्लेयर से सुनें.
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यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें

VBR MP3


#127th Story, Gair Mulki Ladki: Altaf Fatima/Hindi Audio Book/2011/10. Voice: Priti Sagar

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3 comments

जया May 17, 2011 at 5:50 pm

मैने नेट पर पूरी सामग्री देखी .यह हिन्दी का दुर्भाग्य ही है कि इसमें धोखेबाज ,बेईमान और बेशर्म लोग भरे पड़े हैं . इन्ही लोगों के कारण आज हिन्दी अपने देश में ही पराई हो चुकी है . यह लोग हिन्दी की रोटी खा कर भी हिंदी की अस्मिता लूटने पर लगे हैं…दुखद और शर्मनाक !!!!!

Reply
जया May 30, 2011 at 9:01 am

आपने यह जानकारी नही दी कि क्या यह प्रीति सागर महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा की अध्यापिका प्रीति सागर ही हैं जिनके बारे में किसी अनाम व्यक्ति ने यह टिप्पणी पोस्ट की थी कि महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा की अध्यापिका प्रीति सागर के विरुद्ध केंद्रीय सतर्कता आयोग के निर्देश पर महाराष्ट्र सरकार महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के किसी फ़र्ज़ी पहचानपत्र घोटाले में जाँच कर रही है …आपने टिप्पणी भी हटा दी ..यदि आपको टिप्पणी हटानी ही है तो फिर आप श्रोताओं का कॉमेंट बॉक्स भी हटा दें….मैने अपनी टिप्पणी प्रीति सागर के बारे में गूगल पर सर्च कर के दी थी……कृपया वाचिका के बारे में तथ्य हमें उपलब्ध करवाएँ …यह एक श्रोता के रूप में हमारा अधिकार है …..

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डॉ रामकृष्ण मिश्र June 11, 2011 at 5:44 am

जी !! आवाज़ की इस कहानी की वाचिका वही प्रीति सागर हैं , जो महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय की अध्यापिका हैं …इन्होने महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के काल्पनिक कर्मचारी सुनीता के नाम से फ़र्ज़ी पहचानपत्र बनवा कर उसी पहचानपत्र पर रिलाइयेन्स का 8055290238 नं का सिम 2 जनवरी 2010 को लिया ..बाद में कुछ पत्रकारों के द्वारा मामले का भंडाफोड़ किए जाने पर 10 अगस्त 2010 को प्रीति सागर ने यह सिम अपनी असली आइ डी दे कर अपने नाम ट्रांसफर करवा लिया . रिलाइयेन्स के सर्किल ऑफिस में प्रीति सागर के असली और नकली दोनो पहचानपत्र और दोनो कस्ट्मर आप्लिकेशन फॉर्म मौज़ूद हैं . मामले में शिकायत होने के बाद भी विश्वविद्यालय ने शिकायत को फाइल करने का आदेश दे दिया … बाद में केंद्रीय सतर्कता आयोग के आदेश पर राष्ट्रीय सुरक्षा के इस बेहद संवेदनशील मामले में महाराष्ट्र सरकार जाँच कर रही है उधर राष्ट्रपति भवन सचिवालय की सूचना के अनुसार राष्ट्रपति भवन ने भी प्रीति सागर के इस फ़र्ज़ी पहचानपत्र घोटाले और इसमें विश्वविद्यालय के कुलपति की भी जाँच का ज़िम्मा मानव संसाधन विकास मंत्रालय के मुख्य सतर्कता अधिकारी अमित खरे को सौंप दिया है..उधर प्रीति सागर के ही एक और मामले में केंद्रीय सूचना आयोग नें महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय , वर्धा के कुलपति के खिलाफ एक और मामला दर्ज़ कर लिया है और जल्दी ही केंद्रीय सूचना आयोग इस मामले में भी सुनवाई करने जा रहा है…..संभव है की जल्दी ही यह मामला सुप्रीम कोर्ट में भी उठे और वहाँ से इस मामले की जाँच सुप्रीम कोर्ट की देख रेख में का निर्देश लेने का प्रयास लिया जाए …

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