Dil se Singer

है मुमकिन वो करना तुझे, जो नामुमकिन दुनिया कहे…

दूसरे सत्र के चौदहवें गीत का विश्वव्यापी उदघाटन आज.

“पहला सुर” एल्बम में अपने सूफी गीत “मुझे दर्द दे” से धूम मचाने वाले पंजाबी मुंडे एक बार फ़िर लौटे हैं नए सत्र में, एक नए गीत “डरना झुकना छोड़ दे” लेकर. पेरुब के नेतृत्व में जोगी सुरेंदर और अमनदीप कौशल ने गाया है इसे और सजीव सारथी ने लिखे हैं बोल इस नए गीत के. इस गीत के मध्यम से पेरुब एक संदेश देना चाहते हैं आज के युवा वर्ग को उन्हें उम्मीद है कि उनका यह प्रयास हमारे श्रोताओं को पसंद आएगा.

The team of sufiyaana singers from ludhiana is back with a bang, Perub composed this new song “darna jhukna” penned by Sajeev Sarathie and sung by Jogi Surender and Aman Deep Kaushal along with Perub.This song has a strong massage for new generation of India, that is way Perub wants this song to be opened a day after Gandhi jayanti. So here we present the song for all our audience. please spare a few moment to give your valuable comment/suggestion about this brand new song

तो लीजिये प्रस्तुत है ये नया गीत, जो दो संस्करण में है. पहला है क्लब मिक्स और दूसरा है पंजाबी तड़का (जिसमें ढोलक और तबला का अतिरिक्त प्रभाव दिया गया है). पेरुब और उनकी टीम को आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतज़ार रहेगा.

डरना झुकना ….( क्लब मिक्स )

डरना झुकना… ( पंजाबी तड़का )

गीत के बोल – lyrics

डरना झुकना छोड़ दे,
सब जंजीरें तोड़ दे,
आ चल अपने इस जोश में,
अब तूफानों को मोड़ दें…
यारा वे…..

जुल्म भला अब क्यों सहें,
चुप बे – वजहा क्यों रहें,
आवाज़ उठा अब बात कर,
आँखों में ऑंखें डाल कर

यारा वे…

खोल दरीचे सोच के,
राहें नई चुन खोज के,
सब झूठे आडम्बर हटा,
तू भेद भाव सारे मिटा,

यारा वे…

ताक़त अपनी जान ले,
ख़ुद को तू पहचान ले,
है मुमकिन वो करना तुझे,
जो नामुमकिन दुनिया कहे,

यारा वे…

यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंकों से डाऊनलोड कर लें (ऑडियो फ़ाइल तीन अलग-अलग फ़ॉरमेट में है, अपनी सुविधानुसार कोई एक फ़ॉरमेट चुनें)

डरना झुकना ….( क्लब मिक्स )

VBR MP3 64Kbps MP3 Ogg Vorbis

डरना झुकना… ( पंजाबी तड़का )

VBR MP3 64Kbps MP3 Ogg Vorbis

SONG # 14, SEASON # 02, “DARNA JHUKNA CHOD DE” OPENED ON AWAAZ HIND YUGM ON 03/10/2008.
Music @ Hind Yugm, Where music is a passion.

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Amit

20 comments

परमजीत सिँह बाली October 3, 2008 at 5:24 am

बहुत बढिया गीत सुनवाए॥आभार।

Reply
Archana October 3, 2008 at 5:28 am

Perub , Jogi nd Aman r the best …..
Dono version mast hai ….
Punjabi tadka mujhe jyada achcha laga ………
i m soooo happyyyyyy ….
thanks to Sajeev ji …… for this site……
nd thanks to Perub for the music……
nd Jogi , Aman for thr voice…..
🙂

Reply
रंजना [रंजू भाटिया] October 3, 2008 at 6:29 am

बहुत सुंदर लगा यह सुबह से दो बार सुना है

Reply
shivani October 3, 2008 at 10:29 am

पेरुब जी आपका बहुत इंतज़ार था मुझको !`डरना झुकना 'बहुत ही बेहतरीन पेशकश है !आपकी टीम ने बेहद सुन्दर अंदाज़ पेश किया है !जोगी सुरेंदर जी और अमनदीप जी आपको भी बहुत बहुत बधाई !मुझे पूरी आशा थी कि आप ज़रूर एक नए अंदाज़ में आयेंगे !सजीव जी बहुत खूब लिखा है आपने !आपकी कलम में जादू है हर क्षेत्र में महारत हासिल है आपको !चाहे सुफिआना गीत हो,देशभक्ति का गीत हो या रोमांटिक गीत हो !आपको और पेरुब जी की पूरी टीम को इस खूबसूरत गीत के लिए मेरी ओर से बहुत बहुत शुभकामनाएं !

Reply
आशा ढौंडियाल October 3, 2008 at 12:51 pm

geet to bahut accha bana hai…….josh se bhara hua….sajeev aap bahut accha likhte hai……..music bhi kamal hai ridam accha hai…pajabi tadke me jyada sufipana jhalakta hai..

Reply
विश्व दीपक October 3, 2008 at 1:54 pm

वाह! इस बार तो एक नया हीं प्रयोग हुआ है।
दो-दो रूपों में एक हीं गीत और दोनों हीं शानदार
युग्म प्रगति पर है, सजीव जी के बदौलत।
पेरूब जी, जोगी जी और अमनदीप जी बेहद उम्दा काम किया है। बधाई स्वीकारें।

Reply
राज भाटिय़ा October 3, 2008 at 2:16 pm

बहुत ही सुन्दर
धन्यवाद

Reply
सजीव सारथी October 4, 2008 at 4:35 am

This post has been removed by the author.

Reply
सजीव सारथी October 4, 2008 at 4:43 am

बाली जी रंजना जी शिवानी जी आशा जी वी डी भाई और राज जी आपका आभार, अर्चना so nice to see u back ये पेरुब के गाने का कमाल है 🙂

Reply
Anonymous October 4, 2008 at 4:44 am

प्रयास अच्छा है…..बधाई….. लेकिन….रूह तक तो नहीं पंहुचा….
मैं झूम नहीं पायी…….शुभ-कामनाएँ…..

गीता पंडित

Reply
Anonymous October 4, 2008 at 4:49 am

Achaaa gana hai mujhe punjabi tadka zayada achcha laga.
-surinder ratti

Reply
Manish Kumar October 5, 2008 at 3:27 am

achche bol par achchi koshish…

Reply
दीपाली October 5, 2008 at 12:33 pm

मुझे तो दोनों ही गाने बहुत पसंद आए .यह निर्णय लेना कठिन है कि कौन सा बेहतर है.
सजीव जी क्या गाना तैयार किया है.आपकी पुरी टीम को बहुत-बहुत बधाई.

Reply
seema gupta October 7, 2008 at 5:20 am

जुल्म भला अब क्यों सहें,
चुप बे – वजहा क्यों रहें,
आवाज़ उठा अब बात कर,
आँखों में ऑंखें डाल कर
" beautiful composition, and great music. enjoyed listning,'

regards

Reply
Archana October 7, 2008 at 6:17 am

To Sajeev ji ..
yes i m back , on hindyugm ….
wese perub ke music ke liye … kahi se bhi wapas aa sakti hun 🙂

To Geeta Pandit ..
Har gaane pe zoomna jaruri nahee hota ..
😛

To Everyone ..
Thanks for the beautiful encouraging words for Perub …

Reply
Anupam October 7, 2008 at 6:29 am

Hi Perub , aman, jogi !
Mujhe apka song bahut achcha laga.
Isi tarah new songs laate rahiye ,
taaki mere jese budding singers ko
inspiration mile ..
thanks ..

Reply
Anonymous October 29, 2008 at 7:16 am

bahut hi umda peshkash

badhai..

sunil

Reply
Anonymous October 29, 2008 at 7:17 am

bol aache aur sangeet jabardast

2 thumbs up

ankit

Reply
Anonymous October 29, 2008 at 7:21 am

dono kalakaar manjhe hue lagte hain dono kaam kaam bahut aacha laga

badhai sweekaren….

pankaj

Reply
Anonymous November 9, 2008 at 8:38 am

wah kya baat hai is geet ki

bahut bahut badhai

sonu

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